Maithili Gajal: दिलक बात ककरासँ कहि नैई किओ सुन्निहार छै

0
286

मैथिली गजल (Maithili Gajal): दिलक बात ककरासँ कहि नैई किओ सुन्निहार छै

दिलक बात ककरासँ कहि नैई किओ सुन्निहार छै ।
बिना आइगके डहिक’ दिल बनिरहल अचार छै ।

केहेन जवाना एलै घाँसक रखबारी घोडा करैय ,
दिलक तिजौडी चोरारहल दिलेक’ पहरदार छै ।

टुईट गेलै रिस्ता नाता आ लुईट गेलै सब सपना ,
दोसरके की कहि अपनें लोग बनिगेल पैकार छै ।

ककर आश करि आ ककरापर आब करि भरोसा ,
दिनोदिन रिस्ता रिस्ता बिचमे बनिरहल दरार छै ।

आब त’ फुईक फुईकके डेग बढावके छै अगाडी ,
अहिठाम ककरो नैई कोई है गोलमोल संसार छै ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here