Maithili Sad Shayari: सुतल लहासके अहाँ किय जगावैए छी

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Maithili Sad Shayari:
सपनामे आबिक’ अहाँ किय तर्सावैए छी ।
सुतल लहासके अहाँ किय जगावैए छी ।
आब की देख’ लेल रहलैए यी नगरमे
खोचाहा बाँस हाथ ल’के किय धधावैए छी ।

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