|| दियावाती ||

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जगमग दीप सँ सजल अप्पन मिथिला ,

सगरो खुशयाली छायल अछि !
घर – घरमें दीपक ज्योति सँ ,
हर घर जगमगायल अछि !!
 
मन हमर बिभोर भेल अछि ,
खुशयाली देखि – देखिक !
रमैत – गबैत झुमैत – खेलैत रहू ,
आजुक दीप सँ चमकैत दियावाती देखिक !!
 
आई औती मैया मिथिलाक पवित्र भूमि प ,
मैयाक गुण गाबिक त देखू ,
करति मैया सभक मनोकांक्षा पूरा ,
मोनक दीप जलाविक त देखू !!
 
जगमगायल अछि सम्पूर्ण सृष्टि ,
घर गली टोल – टोलमें !
एथिन आजु लक्ष्मी माता ,
सबहक आँगन घरदूारमें !!
 
मनावि दियावाती खुशियालिक संग ,
बरुदक अछि बम फट्टका !
एहि सँ प्रदूषण फैलैत अछि ,

 

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